मुख्तार अंसारी पर बाराबंकी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू

योगी सरकार के 2.0 कार्यकाल शुरू होते ही मुख्तार अंसारी पर बाराबंकी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। चर्चित एम्बुलेंस मामले में पुलिस ने मुख्तार व उसके 12 साथियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुक़दमा दर्ज किया है। एसपी अनुराग वत्स ने आगे की जांच गैंगस्टर एक्ट 14–A तहत देवां कोतवाली के इंस्पेक्टर को सौंपी है।
जिले में फर्जी पते से एम्बुलेंस का पंजीकरण कराने व उसका उपयोग पंजाब जेल से पेशी पर लाने व ले जाने में किए जाने के आरोप में रविवार को गैंगस्टर के मुकदमे में मऊ, गाजीपुर, लखनऊ और प्रयागराज के 12 सदस्यों को भी नामजद किया गया है।

13 आरोपियों पर गैंगस्टर

मुख्तार अंसारी गाजीपुर जिले में मोहम्मदाबाद के यूसुफपुर के निवासी है व मऊ से पूर्व विधायक भी है। पुलिस ने जांच में पाया कि एम्बुलेंस का बाराबंकी के एआरटीओ कार्यालय में पंजीकरण व फर्जी पते को दर्शाना एक सुनियोजित साजिश थी। कोतवाली नगर के प्रभारी निरीक्षक सुरेश पांडेय द्वारा दर्ज कराए गए इस मुकदमें में मुख्तार के अलावा मऊ जिले के बलियामऊ मोड़ पर स्थित श्याम संजीवनी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर की संचालिका डा. अलका राय, डा. शेषनाथ राय, थाना सराय लखंसी के अहिरौली के राजनाथ यादव, ग्राम सरवां के आनंद यादव, गाजीपुर जिले के मोहम्मदाबाद के मंगलबाजार यूसुफपुर के सुरेंद्र शर्मा, सैदपुर बाजार मुहल्ला रौजा के मो. शाहिद, फिरोज कुरैशी, अफरोज उर्फ चुन्नू, जफर उर्फ चंदा, सलीम, प्रयागराज के थाना करेली के वसिहाबाद सदियापुर के मो. सुहैब मुजाहिद और लखनऊ के वजीरगंज थाना के लारी हाता कालोनी का मो. जाफरी उर्फ शाहिद नामजद हैं।

विधायक के ट्वीट पर चर्चा में आई एम्बुलेंस

मामला 31 मार्च 2021 को उस समय चर्चा में आया था जब गाजीपुर की विधायक रहीं अलका राय ने कांग्रेस अध्यक्ष व पंजाब सरकार को संबंधित एंबुलेंस की फोटो ट्वीट की थी। इस एम्बुलेंस में बाराबंकी का पंजीकरण नंबर था और यह एम्बुलेंस मुख्तार अंसारी पंजाब की जेल से एक अन्य जिले को पेशी पर ले जाया जा रहा था। इस पर संबंधित एम्बुलेंस के ओनरशिप पर प्रशासन ने जांच शुरू की थी।

फर्जी पते पर रजिस्टर्ड हुई एंबुलेंस

पंजाब जेल में निरुद्ध के दौरान मुख्तार अंसारी न्यायालय जाने के लिए निजी एंबुलेंस यूपी 41 एटी 7171 प्रयोग करता था। यह एंबुलेंस बाराबंकी एआरटीओ में 21 मार्च 2013 में पंजीकृत कराई गई थी। पंजीकरण में लगाए गए नगर के मोहल्ला रफीनगर के पते के मकान नंबर 56 की आईडी लगाई गई थी। जांच में वहां पर कोई मकान नहीं था। इस पर कोतवाली नगर पुलिस ने एआरटीओ पंकज सिंह की तहरीर पर दो दिन बाद मऊ के श्याम संजीवनी अस्पताल की संचालिका डा. अलका राय पर जालसाजी का मुकदमा लिखा था। इस एंबुलेंस का 31 जुलाई 2017 से फिटनेस तक नहीं हुआ था। ऐसे में यह एंबुलेंस प्रदेश की सीमा पार करते हुए पंजाब में संचालित हो रही थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने यह एम्बुलेंस पंजाब से बरामद कर कस्टडी में ली थी। पुलिस ने दो अप्रैल 2021 को पहला मुकदमा जालसाजी का लिखा था। करीब तीन माह बाद सभी आरोपियों के खिलाफ 04 जुलाई 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। पुलिस की रिपोर्ट पर डीएम ने 24 मार्च 2022 को गैंगचार्ट पर अनुमोदन दे दिया।

डीएसपी ने दी जानकारी

क्षेत्राधिकारी नगर आतिश सिंह ने बताया कि मुख्तार अंसारी समेत 13 आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्यवाही की गई है। चर्चित एम्बुलेंस मामले में दाखिल आरोप पत्रों के आधार पर रविवार को कार्यवाही की गई है। आतिश सिंह ने बताया कि गैंगस्टर की धारा 14–A के तहत कार्यवाही के लिए देवां कोतवाली के इंस्पेक्टर को निर्देशित किया गया है।

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