“मेरे क़त्ल पे आप भी चुप हैं अगला नम्बर आपका है”

उमर गौतम की गिरफ़्तारी भारत के संविधान का मज़ाक़ है। उनकी गिरफ़्तारी पर हमारा रद्दे-अमल बहुत…

“ख़िदमते-क़ौमो-वतन ही थी सियासत भी कभी”

  (वक़्त आ गया है कि समाजसेवी उठें और राजनीति में शामिल होकर संसाधनों का सही…

“उत्तर प्रदेश में मस्जिदों का गिराया जाना साम्प्रदायिक सरकार की घिनावनी साज़िश”

  पंचायत चुनाव में हार से खिस्याकर सरकार राज्य में हिंदुत्व पोलराइज़ेशन की राजनीति कर रही…

“महामारी में एक साथ इल्मो-दानिश के चराग़ों का बुझ जाना अच्छा शगुन नहीं”

  (इल्मो-फ़न में माहिर शख़्सियतों का बेहतरीन बदल तैयार करने के लिये प्लानिंग की ज़रूरत है)…

कोरोना क़यामत के लिए हुकूमत की ना-अहली ज़िम्मेदार है

राम मंदिर के नाम पर वोट देने वाली जनता को भी हुकूमत से ज़्यादा उम्मीदें नहीं…

“लिया जाएगा तुझसे काम दुनिया की इमामत का”

शिशु मन्दिर और विद्या मन्दिर के स्टूडेंट्स की तरह मदरसों के पास-आउट ऊँचे पदों पर क्यों…

मिल्‍लत में खा़मोश तालीमी इंक़लाब की आहट

(मसाइल के पैदा होने का सबब अगर जहालत है तो मसाइल का इलाज और हल, इल्‍म…

आँखों में तेरी आज ये आँसू फ़ुज़ूल हैं

(फासीवादी अपनी हुकूमत बचाने और लोगों की गर्दनें झुकाने के लिये कुछ भी कर सकते हैं)…

अभी चलते हैं ज़रा राह तो हमवार करो

(हालात और सूझबूझ का तक़ाज़ा ये है कि हम तालीम, तिजारत, सियासत वग़ैरा में जो मौक़े…

देश की अखण्डता का दारोमदार लोकतन्त्र के बाक़ी रहने पर है

(लोकतन्त्र की हिफ़ाज़त की ज़्यादा ज़िम्मेदारी बहुसंख्यक वर्ग पर आती है) देश ने 26 जनवरी को…

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